बुधवार, 22 नवंबर 2017

चाँद तुम मुस्कुराना पृथ्वी के होने तक

चाँद तुम मुस्कुराना
पृथ्वी के होने तक

अभी लालटेन के नीचे
पढ़ रहे हैं
झूम झूम कर बच्चे
माँ लकड़ी वाली अंगीठी में
सेंक रही है गोल रोटियां
तुम खाकर जाना
लगाने पृथ्वी का चक्कर

चाँद तुम मुस्कुराना
माँ और बच्चों के होने तक

अभी उड़ेंगे जहाज के जहाज
और बरसा जायेंगे
बम और बारूद
चुपके से अँधेरे में
धरती के किसी कोने में
जब सो रही होगी चिड़िया
अपने बच्चों के साथ
तुम रोना , जरुर रोना
रोना एक प्रतिक्रिया है प्रतिरोध का

चाँद तुम रोना 
पृथ्वी पर बम बारूद के होने तक 

मेरे पीछे
पड़े है कई हथियारबंद लोग
तरह तरह के लेकर हथियार
इन हाथियारों से टंगे हैं 
कई कई तरह के झंडे 
कुछ भूगोल के झंडे 
कुछ धर्म के झंडे 
कुछ जाति के झंडे 
वे नहीं रहने देंगे
आदमी को आदमी

चाँद तुम मत बँटना
लड़ना,  पृथ्वी पर आदमी के होने तक .

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

प्लेटफॉर्म नंबर 16


यह है 
प्लेटफर्म नंबर 16 
जहाँ से जाती हैं 
रेलगाडियां 
पूरब की तरफ 

पूरब 
जहाँ सूरज पहले तो निकलता है 
लेकिन रौशनी पहुचती है 
सबसे बाद में 

इस प्लेटफार्म से 
रेलगाड़ियों में चढ़ती है 
थके हुए सपने
टूटे बिखरे
जड़ो से उखड़े हुए
अपनी जड़ों की तलाश के जल्दी में

इस प्लेटफार्म से
रेलगाड़ियों में चढ़ती है भीड़
भीड़ जिसने तय समय में
खडी कर दी अट्टालिकाएं
जिसकी भुजाओं ने दिन रात एक कर
पूरे किये विलायती आर्डर
जिसने उठाये कूड़े
जिसने पिलाई चाय
उठाये बोझे
प्रगति के पथ पर जिनका नहीं खुदा कभी कोई नाम

इस प्लेटफार्म से
रेलगाड़ियों में चढ़ता है रोगियों का जत्था
जीर्ण-शीर्ण शरीर लिए
कुछ ठीक हुए, कुछ नई तारीख लिए
कुछ लौटाए हुए
देश के सबसे बड़े अस्पताल से
सोचते हुए ऐसा अस्पताल उसके यहाँ क्यूं नहीं है
जहाँ हैं मरीज़ अधिक , जहाँ मरते हैं लोग अधिक

इस प्लेटफार्म से
रेलगाड़ियों में में लदता है बोरियों की तरह
बेटी की शादी करने वाला पिता,
शादी करने वाली बेटी
होने वाला दूल्हा
और उनमे शामिल होने वाला बाराती-सराती
जिनके मन में गूँज रहा होता है
देवी गीत, गाली गीत , उबटन गीत

प्लेटफार्म नंबर 16
रेलवे का प्लेटफार्म भर नहीं है
आशा की किरण है
पूरब के लिए .



कुलीनता

जिस तरह
मर्यादा पुरुषोत्तम होने के लिए
राम का राजकुंवर होना जरुरी है
उसी तरह जरुरी है
बुद्ध होने के लिए
राजकुंवर होना
राज-पाट का त्याग करना

आपका ज्ञान, आपकी शिक्षा
आपकी महानता के लिए जरुरी है
आपका कुलीन होना .

 कोई केवट या कोई लाचार बूढा
कोई धोबी या कोई बीमार रुग्ण दीन मनुष्य
नहीं हो सकता राम या बुद्ध
वह उत्त्पन नहीं कर सकता करुणा
उस पर नहीं लिखी जा सकती है
कोई महागाथा



गुरुवार, 9 नवंबर 2017

अँधेरा का निर्जन द्वीप

जब दुनिया 
रहने के लिए असुरक्षित हो 
मैंने बना लिया है 
अँधेरे का एक निर्जन द्वीप 

इस द्वीप पर नहीं है 
कोई रौशनी 
कोई द्वार 
बस है सन्नाटा 
सन्नाटे से बजता है 
अनसुना संगीत 

सोमवार, 6 नवंबर 2017

दीवार पर टंगी एक तस्वीर का उतर जाना

दीवार पर टंगी
एक तस्वीर का उतर जाना
केवल एक तस्वीर का उतर जाना नहीं होता
न ही यह कैलेण्डर पर महीने के बीत जाने के बाद
नए महीने के पन्ने का आना होता है
यह साल के अंत में पुराने कैलेण्डर का विस्थापन
और नए कैलेण्डर का स्थापन्न होना भी नहीं होता है


कई बार सीलन, नमी की वजह से
सालों साल कमजोर होती रहती हैं दीवारें
ख़त्म होने लगता है दीवार का धैर्य
कील पर पकड़ ढीली हो जाने से
 बोझ नहीं उठा सकने की स्थिति में
अंतत एक दिन तस्वीर गिर जाती है
दीवार से
तस्वीरों को दीवार पर
टंगे रहने के लिए जरुरी है
दीवार कमजोर न पड़े अविश्वास के सीलन से
कील का धैर्य कम न हो

तस्वीर का गिरना
केवल तस्वीर का गिरना नहीं होता
इससे पैदा होता है दीवार की छाती में शून्य
शून्यता है एक खतरनाक संकेत
जो बड़ा होने से बन सकता है ब्लैक होल
लील सकता है जीवन।  

मंगलवार, 10 अक्तूबर 2017

हौसला

उड़ने के लिए
आसमान की कमी नहीं है
कमी है तो हौसले की

देखना तुम्हारे पैरों के नीचे ही
पडा हुआ है वह पत्थर
जिसे उछाल कर शुरू की जा सकती है
एक मुकम्मल क्रांति

निकलने के लिए पैर में चुभा काँटा
मत देखो आगे पीछे ऊपर नीचे
या दायें बाएं
इस्तेमाल करो एक और काँटा

रौशनी का महत्व
उन्हें कहाँ मालूम
जिन्होंने नहीं देखा अँधेरा
और रौशनी की ओर जाने वाला रास्ता
अक्सर अँधेरे से होकर जाता है

मंगलवार, 3 अक्तूबर 2017

छुट्टियों के दिन

छुट्टियों के दिन
जब बच्चे खेल रहे होते हैं
पार्कों में
घूम रहे होते हैं माल
एम्युजमेंट पार्क में कर रहे होते हैं
झूले में सैर
पानी के फव्वारे में
कर रहे होते हैं नृत्य
उसी दिन उत्साह में होते हैं
रेडलाईट पर खिलौने बेचते बच्चे
माल की पार्किंग में बलून बेचते बच्चे
मिठाई की दूकान पर पैकिंग करते बच्चे

कितनी  भिन्न होती हैं छुट्टियाँ
क्या राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री की शुभकामनाओं का रास्ता
पहुचता है इन तक.